4 extractive question-and-answer pairs built from How to Cite, published by ejournals.ncert.gov.in. Source-evidenced topics include मातृभाषा, बाल मनोविज्ञान, शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2022, प्रारंभिक शिक्षा, मातृभाषा में शिक्षा, मातृभाषा आधारित शिक्षण. Every answer is a verbatim span of text the source prints, and each row carries the passage it sits in, its offset in that passage, the source quote, the page and the location in the document, so any row can be checked against the original. Question types in the export: 2 list, 1 definition, 1 summary. 4 of the 4 pairs (100.0%) ask explanatory questions; the remaining 0 are factual or table-based questions. 100.00% of rows pass the corpus quality gate.
This dataset contains four extractive question-and-answer pairs focused on the role of mother tongue in early education, as discussed in a publication from ejournals.ncert.gov.in. The questions explore topics such as the foundational role of mother tongue in child development, its impact on learning processes, relevant policies, and supporting psychological theories. The answers are verbatim excerpts from the source, emphasizing the importance of mother tongue in cognitive, linguistic, social, and emotional development, as well as its recognition in India's National Education Policy 2020 and National Curriculum Framework 2022.
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Use the API URL with your free DD token in notebooks, scripts, and pipelines.
https://www.desidata.in/api/datasets/ejournals-ncert-gov-in-ca0e36a5dca1e4e991b801356885c833/downloadDataset downloads are free. For Python or API downloads, sign in once and create a free DD token; set it as DD_TOKEN or save it in your notebook's secrets. Requests are linked to your account so your download history and counts stay accurate.
# One-time install: pip install desidata
# Set DD_TOKEN in your environment first (create a free token in Profile & settings).
import desidata
df = desidata.load("ejournals-ncert-gov-in-ca0e36a5dca1e4e991b801356885c833")
df.head()First 4 of 4 rows
| question | answer | context | answer_start | question_type | knowledge_quality_score | source_document | source_quote | source_page | source_location | confidence | validation_status |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| What is considered the foundation for a child's cognitive, linguistic, social, and emotional development? | मातृभाषा | Published 2026-07-13 मातृभाषा किसी भी बच्चे के संज्ञानात्मक, भाषायी, सामाजिक और भावनात्मक विकास की आधारशिला होती है, जो उसकी सोच, समझ और अभिव्यक्ति को प्रारंभिक दिशा प्रदान करती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और बुनियादी शिक्षा हेतु राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2022 इस तथ्य को स्वीकारते हुए प्रारंभिक शिक्षा में मातृभाषा की भूमिका को केंद्र में रखती हैं। यह शोध-पत्र बाल मनोविज्ञान के सिद्धांतों और व्यावहारिक अनुभवों के आधार पर यह समझने का प्रयास करता है कि मातृभाषा में शिक्षा देना बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को कैसे सहज, प्रभावी और सृजनात्मक बनाता है। पियाजे, वायगोत्स्की और ब्रूनर जैसे मनोवैज्ञानिकों के विचारों के माध्यम से यह स्पष्ट होता है कि जब बच्चे अपनी परिचित भाषा में सीखते हैं, तो वे अधिक आत्मविश्वास के साथ ज्ञान को आत्मसात करते हैं। इसमें उन चुनौतियों, अवसरों और शैक्षिक नवाचारों पर भी चर्चा की गई है, जो मातृभाषा आधारित शिक्षण के क्रियान्वयन में सामने आते हैं। मातृभाषा को शिक्षा का माध्यम बनाना न केवल बच्चों के अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और समानता को भी सुनिश्चित करता है। यह दृष्टिकोण भाषायी विविधता को सम्मान देते हुए त्रिभाषा सूत्र के माध्यम से बहुभाषिकता, सांस्कृतिक एकता और वैश्विक संवाद को भी सुदृढ़ करता है। इस प्रकार, यह नीति शिक्षा को स्थानीय अनुभवों से जोड़कर वैश्विक क्षितिज की ओर ले जाने वाली समावेशी एवं दूरदर्शी पहल के रूप में सामने आई है। | 21 | definition | 0.940 | https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/pp/article/view/5328 | Published 2026-07-13 मातृभाषा किसी भी बच्चे के संज्ञानात्मक, भाषायी, सामाजिक और भावनात्मक विकास की आधारशिला होती है, जो उसकी सोच, समझ और अभिव्यक्ति को प्रारंभिक दिशा प्रदान करती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और बुनियादी शिक्षा हेतु राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2022 इस तथ्य को स्वीकारते हुए प्रारंभिक शिक्षा में मातृभाषा की भूमिका को केंद्र में रखती हैं। यह शोध-पत्र बाल मनोविज्ञान के सिद्धांतों और व्यावहारिक अनुभवों के आधार पर यह समझने का प्रयास करता है कि मातृभाषा में शिक्षा देना बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को कैसे सहज, प्रभावी और सृजनात्मक बनाता है। पियाजे, वायगोत्स्की और ब्रूनर जैसे | p[0] | 0.700 | valid | |
| How does teaching in the mother tongue impact children's learning process? | सहज, प्रभावी और सृजनात्मक | Published 2026-07-13 मातृभाषा किसी भी बच्चे के संज्ञानात्मक, भाषायी, सामाजिक और भावनात्मक विकास की आधारशिला होती है, जो उसकी सोच, समझ और अभिव्यक्ति को प्रारंभिक दिशा प्रदान करती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और बुनियादी शिक्षा हेतु राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2022 इस तथ्य को स्वीकारते हुए प्रारंभिक शिक्षा में मातृभाषा की भूमिका को केंद्र में रखती हैं। यह शोध-पत्र बाल मनोविज्ञान के सिद्धांतों और व्यावहारिक अनुभवों के आधार पर यह समझने का प्रयास करता है कि मातृभाषा में शिक्षा देना बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को कैसे सहज, प्रभावी और सृजनात्मक बनाता है। पियाजे, वायगोत्स्की और ब्रूनर जैसे मनोवैज्ञानिकों के विचारों के माध्यम से यह स्पष्ट होता है कि जब बच्चे अपनी परिचित भाषा में सीखते हैं, तो वे अधिक आत्मविश्वास के साथ ज्ञान को आत्मसात करते हैं। इसमें उन चुनौतियों, अवसरों और शैक्षिक नवाचारों पर भी चर्चा की गई है, जो मातृभाषा आधारित शिक्षण के क्रियान्वयन में सामने आते हैं। मातृभाषा को शिक्षा का माध्यम बनाना न केवल बच्चों के अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और समानता को भी सुनिश्चित करता है। यह दृष्टिकोण भाषायी विविधता को सम्मान देते हुए त्रिभाषा सूत्र के माध्यम से बहुभाषिकता, सांस्कृतिक एकता और वैश्विक संवाद को भी सुदृढ़ करता है। इस प्रकार, यह नीति शिक्षा को स्थानीय अनुभवों से जोड़कर वैश्विक क्षितिज की ओर ले जाने वाली समावेशी एवं दूरदर्शी पहल के रूप में सामने आई है। | 525 | summary | |||||||
| Which policies emphasize the role of mother tongue in early education? | राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और बुनियादी शिक्षा हेतु राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2022 | Published 2026-07-13 मातृभाषा किसी भी बच्चे के संज्ञानात्मक, भाषायी, सामाजिक और भावनात्मक विकास की आधारशिला होती है, जो उसकी सोच, समझ और अभिव्यक्ति को प्रारंभिक दिशा प्रदान करती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और बुनियादी शिक्षा हेतु राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2022 इस तथ्य को स्वीकारते हुए प्रारंभिक शिक्षा में मातृभाषा की भूमिका को केंद्र में रखती हैं। यह शोध-पत्र बाल मनोविज्ञान के सिद्धांतों और व्यावहारिक अनुभवों के आधार पर यह समझने का प्रयास करता है कि मातृभाषा में शिक्षा देना बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को कैसे सहज, प्रभावी और सृजनात्मक बनाता है। पियाजे, वायगोत्स्की और ब्रूनर जैसे मनोवैज्ञानिकों के विचारों के माध्यम से यह स्पष्ट होता है कि जब बच्चे अपनी परिचित भाषा में सीखते हैं, तो वे अधिक आत्मविश्वास के साथ ज्ञान को आत्मसात करते हैं। इसमें उन चुनौतियों, अवसरों और शैक्षिक नवाचारों पर भी चर्चा की गई है, जो मातृभाषा आधारित शिक्षण के क्रियान्वयन में सामने आते हैं। मातृभाषा को शिक्षा का माध्यम बनाना न केवल बच्चों के अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और समानता को भी सुनिश्चित करता है। यह दृष्टिकोण भाषायी विविधता को सम्मान देते हुए त्रिभाषा सूत्र के माध्यम से बहुभाषिकता, सांस्कृतिक एकता और वैश्विक संवाद को भी सुदृढ़ करता है। इस प्रकार, यह नीति शिक्षा को स्थानीय अनुभवों से जोड़कर वैश्विक क्षितिज की ओर ले जाने वाली समावेशी एवं दूरदर्शी पहल के रूप में सामने आई है। | |||||||||
| Which psychologists' ideas support the notion that learning in a familiar language boosts confidence? | पियाजे, वायगोत्स्की और ब्रूनर | Published 2026-07-13 मातृभाषा किसी भी बच्चे के संज्ञानात्मक, भाषायी, सामाजिक और भावनात्मक विकास की आधारशिला होती है, जो उसकी सोच, समझ और अभिव्यक्ति को प्रारंभिक दिशा प्रदान करती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और बुनियादी शिक्षा हेतु राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2022 इस तथ्य को स्वीकारते हुए प्रारंभिक शिक्षा में मातृभाषा की भूमिका को केंद्र में रखती हैं। यह शोध-पत्र बाल मनोविज्ञान के सिद्धांतों और व्यावहारिक अनुभवों के आधार पर यह समझने का प्रयास करता है कि मातृभाषा में शिक्षा देना बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को कैसे सहज, प्रभावी और सृजनात्मक बनाता है। पियाजे, वायगोत्स्की और ब्रूनर जैसे मनोवैज्ञानिकों के विचारों के माध्यम से यह स्पष्ट होता है कि जब बच्चे अपनी परिचित भाषा में सीखते हैं, तो वे अधिक आत्मविश्वास के साथ ज्ञान को आत्मसात करते हैं। इसमें उन चुनौतियों, अवसरों और शैक्षिक नवाचारों पर भी चर्चा की गई है, जो मातृभाषा आधारित शिक्षण के क्रियान्वयन में सामने आते हैं। मातृभाषा को शिक्षा का माध्यम बनाना न केवल बच्चों के अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और समानता को भी सुनिश्चित करता है। यह दृष्टिकोण भाषायी विविधता को सम्मान देते हुए त्रिभाषा सूत्र के माध्यम से बहुभाषिकता, सांस्कृतिक एकता और वैश्विक संवाद को भी सुदृढ़ करता है। इस प्रकार, यह नीति शिक्षा को स्थानीय अनुभवों से जोड़कर वैश्विक क्षितिज की ओर ले जाने वाली समावेशी एवं दूरदर्शी पहल के रूप में सामने आई है। | 561 |
Read straight from the file — download or use the API URL for the full dataset.
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| Published 2026-07-13 मातृभाषा किसी भी बच्चे के संज्ञानात्मक, भाषायी, सामाजिक और भावनात्मक विकास की आधारशिला होती है, जो उसकी सोच, समझ और अभिव्यक्ति को प्रारंभिक दिशा प्रदान करती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और बुनियादी शिक्षा हेतु राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2022 इस तथ्य को स्वीकारते हुए प्रारंभिक शिक्षा में मातृभाषा की भूमिका को केंद्र में रखती हैं। यह शोध-पत्र बाल मनोविज्ञान के सिद्धांतों और व्यावहारिक अनुभवों के आधार पर यह समझने का प्रयास करता है कि मातृभाषा में शिक्षा देना बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को कैसे सहज, प्रभावी और सृजनात्मक बनाता है। पियाजे, वायगोत्स्की और ब्रूनर जैसे |
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